दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना 2022: DDUGKY Yojana Apply Online

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दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना- केंद्र सरकार द्वारा देश के युवाओं के लिए दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना की शुरुआत की गयी है। इस योजना के माध्यम से बेरोजगार युवाओं को सरकार द्वारा रोजगार प्रदान किया जायेगा। केंद्र सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के लिए 25 सितंबर 2014 को दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) की शुरुआत की है।

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना 2022

इस योजना का उद्देश्य गरीब ग्रामीण युवाओं को सरकार द्वारा स्किल देने के बाद निर्धारित न्यूनतम मजदूरी के बराबर या उससे ऊपर के वेतन पर रोजगार उपलब्ध कराना है। दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना भारत सरकार की ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए की गई 1 अच्छी पहल है। इससे ग्रामीण आबादी की गरीबी में भी कमी आएगी। इस लेख के माध्यम से आज हम आपको दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना की जानकारी प्रदान कर रहे है।

Pandit Dindayal Yojana योजना से सम्बंधित सभी प्रकार की जानकारी के लिए हमारे साथ अंत तक बने रहे। सरकार का लक्ष्य इस योजना से 5.5 करोड़ से अधिक ग्रामीण युवाओं को कुशल बनाने और उसके बाद रोजगार उपलब्ध कराना है। यह योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका योजना का ही हिस्सा है, एवं यह पब्लिक – प्राइवेट पार्टनरशिप विधि में की जा रही है।

DDU GKY/दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना का उद्देश्य 

  • गरीब ग्रामीण युवाओं की पहचान करना
  • काम करने वाले ग्रामीण युवाओं को एकत्र करना
  • 15-35 वर्ष की उम्र के अंतर्गत आने वाले लोगों को रोजगार दिलवाने में मदद करना
  • युवाओं के साथ-साथ माता-पिता की काउंसलिंग करना
  • योग्यता के आधार पर चयन करना
  • रोजगार के अवसर के बारे में ग्रामीण समुदाय के बीच जागरूकता बढ़ाना
  • ऐसी नौकरी देना जिनका सत्यापन स्वतंत्र तरीके से किया जा सके.
  • इसमें युवाओं को न्यूनतम मजदूरी से ज्यादा भुगतान मिल सके.
  • रोजगार के अवसर के हिसाब से ज्ञान, उद्योग से जुड़े कौशल और विजन उपलब्ध कराना.
  • नियुक्ति के बाद कार्यरत व्यक्ति को स्थिरता के लिए सहायता करना

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के लिए पात्रता मानदंड

Pandit Dindayal Yojana के आवेदन के लिए आपको निम्नलिखित पात्रता मानदंड को पूरा करना होगा।

  • ग्रामीण युवकों की आयु 15 से 35 वर्ष होनी चाहिए।
  • अनुसूचित जाति / जनजाति / महिलाएं / PVTG / PWD की अधिकतम आयु 45 वर्ष तक होनी चाहिए।

Pandit Dindayal Yojana के लिए आवश्यक दस्तावेज

Pandit Dindayal Yojana के लिए आवेदन के लिए आपको आवेदन फॉर्म के साथ निम्नलिखित आवश्यक दस्तावेजों को संलग्र करना होगा।

  • आधार कार्ड
  • वोटर आईडी
  • पैन कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • ईमेल आई डी
  • मोबाइल नम्बर

ग्रामीण कौशल्य योजना के महत्वपूर्ण तथ्य

  • योजना कम से कम 75% शिक्षित बेरोजगारों को नौकरी की गारंटी देती है।
  • इस योजना में SC/ ST 50%, महिलाये 33%, minority 15% को शामिल किया गया है।
  • योजना में लोगों को नियमित तौर पर मजदूरी का काम दिया जाता है।
  • इस योजना का लक्ष्य ग्रामीणों को स्थाई रोजगार देना हैं।
  • योजना में ग्रामीणों की कार्यक्षमता को बढ़ाया जाता है।
  • ग्रामीणों को नये प्रकार के कौशल सिखाए जाते हैं, जिससे वे अपनी आय बढ़ा सके और खुशहाल जीवन जी सके।
  • सरकार की मंशा एक मजबूत नेटवर्क बनाना है जिससे जनसांख्यिकीय अधिशेष को लाभ मिल सके।
  • ग्रामीणों को बिना किसी जातिगत भेदभाव के कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाता है जिससे वे अपनी आय बढ़ा सकें।
  • यह योजना “राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन NRLM का एक हिस्सा है। इस योजना के द्वारा 550 लाख ग्रामीण बेरोजगारों को लाभ मिलेगा।
  • इस योजना में 3 महीने से लेकर 12 महीने तक के प्रशिक्षण अवधि की परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
  • योजना रत्न और आभूषण, पाइप लाइन, विद्युत, चमड़ा, मोटर वाहन, निर्माण, स्वास्थ्य, आतिथ्य, खुदरा व्यापार जैसे 250 से अधिक व्यापार क्षेत्रों के लिए अनुदान देती है।

Pandit Dindayal Yojana में मिलती है कितनी मदद?

Pandit Dindayal Yojana के तहत कुशलता विकसित करने के कार्यक्रम में 25,696 से लेकर 1 लाख रुपये प्रति व्यक्ति तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है। यह वास्तव में परियोजना की अवधि और ट्रेनिंग योजना के प्रकार (आवासीय या गैर आवासीय) पर निर्भर करता है।
Pandit Dindayal Yojana 576 घंटे (3 महीने) से लेकर 2,304 घंटे (12 महीने) तक के प्रशिक्षण के लिए वित्तीय सहायता देता है।

Pandit Dindayal Yojana के लिए आवेदन प्रक्रिया

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट लिंक http://ddugky.gov.in/apply-now पर क्लिक करे।
  • इसके बाद अपनी साडी जानकारी जैसे नाम, पता, राज्य का नाम, जिला, ईमेल आईडी, पहचान पत्र जैसे आधार / पैन कार्ड / वोटर आईडी, मोबाइल नंबर, काम, सेक्टर आदि भरे।
  • पहचान पत्र की फोटो अपलोड करने के बाद captcha भी भरना होगा।
  • उसके बाद आपका दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के लिए रजिस्ट्रेशन हो जाएगा।

DDU-GKY

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के प्रभाव

Pandit Dindayal Yojana को पूरे देश में लागू किया गया है। यह योजना 33 राज्‍यों/केंद्रशासित प्रदेशों के 610 जिले में कार्यान्वित की गई है। इसमें 50 से अधिक क्षेत्रों से जुड़े 250 से अधिक ट्रेडों को शामिल करते हुए 202 से अधिक परियोजना कार्यान्‍वयन एजेंसियों की साझेदारी है।
वर्ष 2004-05 से लेकर 30 नवंबर 2014 तक कुल 10.94 लाख उम्‍मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया है और कुल 8.51 लाख उम्‍मीदवारों को रोजगार प्रदान किया गया है।

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DDU-GKY

Pandit Dindayal Yojana के अंतर्गत चलने वाले कोर्स

  • एग्रीकल्चर,
  • हैल्थ केयर,
  • ऑटोमोबाइल,
  • इलेक्ट्रॉनिक्स,
  • हैंडलूम,
  • डॉमेस्टिक इलेक्ट्रीशियन,
  • रिटेल,
  • गारमेंट्स,
  • होस्पिटेलिटी,
  • कंस्ट्रक्शन,
  • फूड प्रोसेसिंग,
  • आईसीटी,
  • ट्रैवल एंड टूरिज्म।

Pandit Dindayal Yojana लागू करने का मॉडल

Pandit Dindayal Yojana – टायर लागू करने वाले मॉडल को फॉलो करता है। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा लांच की गई DDU–GKY नेशनल यूनिट, पॉलिसी मेकिंग, तकनीकी समर्थन और फैसिलिटेशन एजेंसी के रूप में काम करती है। स्टेट मिशंस इसे लागू करने में समर्थन प्रदान करते है।
प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन एजेंसीज, स्किल्लिंग और प्लेसमेंट प्रोजेक्ट्स के माध्यम से इस प्रोग्राम को इम्प्लेमेंट करती हैं।

परियोजनाओं के वित्त पोषण हेतु प्राथमिकता निम्न पेशकश करने वाले पीआईए को दी जाती है-

  • विदेश में रोजगार
  • कैप्टिव रोजगार : ऐसी PIAs और संगठन, जो मानव संसाधन की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कौशल प्रशिक्षण प्रदान करते हैं।
  • इंडस्ट्री/उद्योग इंटर्नशिप : इंडस्ट्री से इंटर्नशिप्स के लिए सह वित्त पोषण (को–फंडिंग) के साथ सहायता देना।
  • चैंपियन एम्प्लोयर्स : ऐसी PIAs /एजेंसी जो 2 साल में डीडीयू-जीकेवाई के 10,000 युवाओं को कुशलता का प्रशिक्षण और प्लेसमेंट दे सके।
  • उच्च प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान (High Repute) : NAAC की कम से कम 3.5 ग्रेडिंग वाले संस्थान एवं ऐसे सामुदायिक महाविद्यालय जो यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) एवं आल इंडिया कौंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) के द्वारा फंडेड हों, और Pandit Dindayal Yojana परियोजनाओं में रूचि रखते हों।
दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना हेल्पलाइन नंबर 

कौशल्य योजना का पता

Rural Skills Division,
Ministry of Rural Development,
7th Floor, NDCC-II Building,
Jai Singh Road, New Delhi-110001
Office Time: 9:30 A.M. -5:30 P.M.
[Monday to Friday Except Gazetted Holiday]

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NOTE- हमारी इस वेबसाइट का उद्देश्य आप तक सरकार द्वारा चलाई जा रही सभी योजनाओ की जानकारी पहुँचाना है। अगर आपको ये जानकारी सही लगे तो दूसरो के साथ भी साँझा कीजिये। कोई त्रुटि हो तो हमे जरूर बताए।

Pandit Dindayal Yojana के कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर (FAQ)

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना की शुरुआत किस मंत्रालय ने की है?

DDU-GKY की शुरुआत ग्रामीण विकास मंत्रालय ने की है ।


क्या हैं DDU-GKY के लाभ?

जरूरी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने से युवाओं के करियर में प्रगति
विकास की मदद से गरीब लोगों को सक्षम बनाना
ग्रामीण इलाके से पलायन कम करना
ज्यादा से ज्यादा लोगों की पहुंच रोजगार तक सुनिश्चित करना

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