[PMMSY] प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना आवेदन फॉर्म 2020

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने आर्थिक पैकेज में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना २०२० की शुरुआत की। मत्सय पालन को बढ़ावा देने और रोजगार देने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना को लागु करने की घोषणा की है। सरकार इस योजना के तहत सभी मछुआरों या मत्स्य पालकों के समुदायों को फायदा पहुंचाने पर फोकस कर रही है। इस लेख के जरिये हम आपको प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के बारे में जानकारी देंगे। किस प्रकार आप इस योजना के लिए पात्र है और कैसे आप इस योजना के लिए आवेदन कर सकते है। क्या क्या लाभ है जो लाभार्थियों को दिए जाएंगे?

Contents

क्या है प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना?

  • प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की घोषणा बजट में की गई की थी।
  • इस योजना को सरकार 20,000 करोड़ रुपये से शुरू करेगी।
  • वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आत्‍मनिर्भर भारत अभियान आर्थिक पैकेज की तीसरी किस्त के तहत इसका एलान किया।
  • इस योजना से 55 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
  • इसमें मछुआरा समुदाय से संबंध रखने वाले लोगों के लिए ऋण की सुविधा आसान की जाएगी।
  • जलीय क्षेत्रों में भी जलीय उत्पादों से संबंधित या अन्य को व्यवसाय करने में बढ़ावा देने के लिए योजना की शुरुआत की गई है।
  • इसके तहत प्राइस चेन को सुदृढ़ करने संबंधी महत्वपूर्ण खामियों का समाधान किया जाएगा।
  • मछली के उत्पादन में भी वृद्धि होगी।
  • इनमें इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिकीकरण, पता लगाने की योग्यता, उत्पादन, उत्पादकता, पैदावार प्रबंध और गुणवत्ता नियंत्रण किया जाएगा।
  • सरकार इस योजना के तहत सभी मछुआरों या मत्स्य पालकों को फार्मर वेलफेयर प्रोग्राम्स और एक्सीडेंट इंश्योरेंस के लिए एक्सपैंडेड कवरेज के साथ सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स का लाभ देना चाहती है।
  • इस योजना में सरकार समुद्री खर-पतवार यानी सी-वीड मोतियों और सजावटी मछलियों की फार्मिंग की सुविधा देगी।
  • इससे बिजनेस में मछुआरों को बेहतर रिटर्न मिल सकेगा।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का उद्देश्‍य

  • मत्स्य पालन विभाग एक मजबूत मत्स्य प्रबंधन ढांचा स्थापित किया जाएगा।
  • इनमें इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिकीकरण, पता लगाने की योग्यता, उत्पादन, उत्पादकता, पैदावार प्रबंध और गुणवत्ता नियंत्रण किया जाएगा।

योजना के लिए पात्रता –

  • भारत देश के स्थायी निवासी
  • देश के सभी मछुआरे
  • प्राकृतिक आपदा से पीड़ित लोग

आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • स्थाई निवासी प्रमाण पत्र
  • मछली पालन का कार्ड

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लाभ

मछली पालन को प्रोत्साहन

इस योजना को इसलिए ही शुरू किया गया है ताकि इससे मछली के उत्पादन में वृद्धि हो सके।

वित्तीय सहायता

  • पिछले साल इस योजना के लिए 7,522 करोड़ रूपये का फण्ड आवंटन किया गया था।
  • इस फण्ड का नाम मत्स्य पालन और एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवेलपमेंट फण्ड यानि एफआईडीएफ था।
  • अब राज्य सरकार, सहकारी समितियों, व्यक्तियों और साथ ही उद्यमियों को उचित दरों के आधार पर इस योजना के लिए इसी फण्ड में वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

बीमा कवरेज

इस योजना के माध्यम से सरकार मछुआरों को भी दुर्घटना बीमा प्राप्त करवागी।

मछुआरों तक ऋण की सुविधा

  • इस योजना के माध्यम से मछुआरा समुदाय से संबंध रखने वाले लोगों के लिए ऋण की सुविधा आसान की जाएगी।
  • इससे जलीय क्षेत्रों में भी जलीय उत्पादों से संबंधित या अन्य को व्यवसाय करने में बढ़ावा मिलेगा।

नये विभाग का निर्माण

  • इस योजना को ‘नीली क्रांति’ कहा गया है।
  • योजना को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए मोदी सरकार द्वारा एक अलग विभाग का भी निर्माण किया गया है।
  • मात्स्यिकी विभाग इस योजना के तहत ही बनाया जा रहा है।

कुल लक्ष्य

2020 तक 15 मिलियन टन तक का मछलियों के उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया है।

अन्य लाभ

  • इस योजना के तहत नए टैंकों का निर्माण किया जाएगा।
  • मछली उत्पादन को बढ़ाने के लिए नए प्रयास किए जाएंगे।
  • मछुआरों को जाले व नए टैंक दिए जाएंगे।
  • अगर तूफान आने पर जाल बह जाए या किश्ती टूट जाए तो उसका भी मुआवजा प्रदेश सरकार देती है।

 

आर्थिक पैकेज में इस योजना में क्या मिला?

  • पीएम मतस्य संपदा योजना के लिए 20 हजार करोड़ रुपए रखे गए हैं।
  • इससे 5 साल में 70 लाख टन अतिरिक्त मछली उत्पादन होगा।
  • 55 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।
  • इसके वैल्यू चेन में मौजूद खामियों को दूर किया जाएगा।
  • 11 हजार करोड़ रुपए समुद्री मत्स्य पालन और 9 हजार करोड़ रुपए इसके लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए खर्च किए जाएंगे।
  • एक लाख करोड़ रुपये का मछली निर्यात होगा।
  • मछुआरों और नाविकों का बीमा होगा।
  • सरकार समुद्री और अंतर्देशीय मत्स्य पालन के एकीकृत, सतत, समावेशी विकास के लिए PMMSY का शुभारंभ करेगी।
  • इस योजना से मजबूत मत्सय प्रंबधन ढांचे की स्थापना होगी।

मत्स्य संपादन में भारत कहाँ है अभी?

  • दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मत्स्य उत्पादक है।
  • भारत 47,000 करोड़ रुपये से अधिक का मत्स्य निर्यात करता है।
  • मत्स्य और जलीय कृषि उत्पादन भारत के GDP में लगभग 1% का और कृषि GDP में 5% से अधिक का योगदान देते हैं।
  • देश का सबसे बड़ा कृषि निर्यात मत्स्य पालन है।
  • पिछले पांच वर्षों में मत्स्य पालन निर्यात की वृद्धि दर 6 से 10 प्रतिशत रही है।
  • कृषि क्षेत्र की विकास दर लगभग 5 प्रतिशत रही है।
  • खाद्य और कृषि संगठन (FAO) की रिपोर्ट “द स्टेट ऑफ वर्ल्ड फिशरीज एंड एक्वाकल्चर 2018” के अनुसार [2013-15] के बीच भारत में
  • प्रति व्यक्ति मछली की खपत का औसत 5 से 10 किलोग्राम का रहा है।
  • अन्य अंतर्देशीय जलमार्गों को तेजी से विकसित किया जाएगा।
  • “नीली क्रान्ति” मिशन का उद्देश्य किसानों की आय को दोगुना करना है और पिछले साढ़े चार वर्षों में 1915.33 करोड़ रूपये नीली क्रान्ति (Blue Revolution) योजनाओं को लागू करने के लिए जारी किये गए हैं।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ऑनलाइन आवेदन

अभी 2020-2021 के लिए आवेदन शुरू नहीं हुए है, जैसे ही सरकार की तरफ से कोई जानकारी मिलेगी हम जल्द ही अपडेट करेंगे। पर आवेदन करने की प्रक्रिया निचे दी गई है। जैसे ही रजिस्ट्रेशन खुले आप निचे दिए गए तरीको को फॉलो करके आवेदन कर सकते है।

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं @ http://nfdb.gov.in/

  • प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिंक पर क्लिक करे।
  • उसके बाद आपके सामने 1 आवेदन फॉर्म आएगा, उससे भरे।
  • सारी जानकारी भरने के बाद सबमिट बटन पर क्लिक करे।
  • सबमिट बटन पर किल्क करते ही आपका इस योजना के लिए आवेदन कर दिया जाएगा।

हेल्पलाइन नंबर –

1800-425-1660

योजना से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर (FAQ)

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना में क्या ऐलान है ?

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के माध्यम से मछुआरों के लिए 20,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

योजना के लिए आवेदन कब शुरू होगा ?

इस योजना के लिए आवेदन जल्द ही शुरू किया जाएगा। अभी तक सरकार ने आवेदन की तिथि जारी नहीं की है। जल्द ही हम अपडेट करंगे।

नीली क्रांति योजना का लक्ष्य क्या है ?

योजना का लक्ष्य मछली उत्पादन को 2015-16 में 107.95 लाख टन से बढ़ाकर वित्तीय वर्ष 2019-20 के अंत तक लगभग 150 लाख टन करना है।

PM kisan samman nidhi yojana की जानकारी के लिए लिंक पर क्लिक करे।
आत्मनिर्भर भारत अभियान की जानकारी के लिए लिंक पर क्लिक करे।

हमारी इस वेबसाइट का उद्देश्य आप तक सरकार द्वारा चलाई जा रही सभी योजनाओ की जानकारी पहुँचाना है।
अगर आपको ये जानकारी सही लगे तो दूसरो के साथ भी साँझा कीजिये।
कोई त्रुटि हो तो हमे जरूर बताए।

Priya