One Nation One Ration Card Yojana 2021: क्या है, वन नेशन, वन राशन कार्ड ?

One Nation One Ration Card Yojana | Benefits of One Nation One Ration Card 

राशन कार्ड एक बहुत ही महत्वपूर्ण दस्तावेज है। जिसका उपयोग सरकार द्वारा राज्य के नागरिकों को रियायती दरों पर राशन वितरण के लिए प्रदान किया जाता है। किसी एक राज्य के राशन कार्ड का उपयोग आप दूसरे राज्य में नहीं कर सकतें। इसी को देखते हुए, केंद्र सरकार द्वारा पुरे देश में ‘एक राष्ट्र एक राशन कार्ड’ योजना को लागू करने की घोषणा की गयी है। इसके माध्यम से देश में राशन वितरण प्रणाली में सुधार होगा। साथ ही साथ कई फर्जी राशन कार्ड बंद हो जायेंगे। इस लेख के माध्यम से आज हम आपको One Nation One Ration Card Yojana की जानकारी प्रदान कर रहे है। एक राष्ट्र एक राशन कार्ड से सम्बंधित सभी प्रकार की जानकारी के लिए हमारे साथ अंत तक बने रहे।

One Nation One Ration Card
One Nation One Ration Card

One Nation One Ration Card 2021

इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीबों खासकर एक राज्य से दूसरे राज्य में जाकर काम करने वाले लोगों को एक ही राशन कार्ड के जरिए अनाज उपलब्ध कराना है। सरकार के मुताबिक इस योजना से आम लोगों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। राष्ट्रीय स्तर पर राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी लक्ष्य को हासिल करने के लिए यह जरूरी है कि विभिन्न राज्य और केंद्र शासित प्रदेश जो भी राशन कार्ड जारी करें वे सभी एक मानक प्रारूप में हों। इसीलिए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत राशन जारी करने के लिए मानक प्रारूप जारी किया गया है।

One Nation One Ration Card highlights
आर्टिकल एक देश एक राशन कार्ड योजना
विभाग भारतीय खाद्य निगम
लाभार्थी देश के नागरिक
आधिकारिक वेबसाइट Click Here

New Update – 

Update : बित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज की घोषणा के दूसरे दिन कहा की वन नेशन वन राशन कार्ड देश भर में निर्मित किया जाएगा। राज्य या UT के क्षेत्र की परवाह किए बिना कोई भी राशन प्राप्त कर सकता है। वन नेशन वन राशन कार्ड अब तक 83% लोगो तक पहुंच चुका है और मार्च 2021 तक 100% लोगो तक पहुंच जाएगा। इसके साथ ही लोग देश के किसी भी कोने में अपने कोटे का राशन ले सकते हैं।

एक राष्ट्र एक राशन कार्ड के लाभ

  • इस योजना से गरीब, मज़दूर और ऐसे लोग को लाभ मिलेगा जो जीविका, रोज़गार या किसी अन्य कारण से एक राज्य से दूसरे राज्य में जाकर रहते हैं।
  • किसी भी केंद्र पर जाकर इस योजना का लाभ उठाया जा सकता है।
  • जल्दी ही पूरे देश के विभिन्न राज्यो में यह योजना शुरू होगी ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग इस योजना का लाभ उठा सकें।
  • अन्य राज्य में भी लोग अब राशन ले पाएंगे।
  • दुकान मालिकों पर निर्भरता घटेगी और भ्रष्टाचार में कमी आएगी।
  • इससे राशन में हो रही कालाबाजारी पर रोक लगेगी।

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List of states implementing one country one ration card

  • आंध्र प्रदेश
  • अरुणाचल प्रदेश
  • बिहार
  • चंडीगढ़
  • दमन एंड दिउ
  • गोवा
  • गुजरात
  • हरियाणा
  • हिमाचल प्रदेश
  • जम्मू एंड कश्मीर
  • झारखंड
  • कर्नाटका
  • केरला
  • लक्षदीप
  • लेह लद्दाख
  • मध्य प्रदेश
  • महाराष्ट्र
  • मणिपुर
  • मिजोरम
  • नागालैंड
  • उड़ीसा
  • पुडुचेरी
  • पंजाब
  • राजस्थान
  • सिक्किम
  • तमिल नाडु
  • तेलंगाना
  • त्रिपुरा
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड

कहाँ लागू हो चुकी है ये योजना –

  • ये व्यवस्था अगस्त 2019 में चार राज्यों के दो क्लस्टरों (आंध्र प्रदेश-तेलंगाना और महाराष्ट्र-गुजरात) में शुरू हो चुकी है।
  • इन क्लस्टरों में रहने वाले लाभार्थियों को एक ही राशन कार्ड से दोनों राज्यों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का फायदा मिलना शुरू हो गया।
  • अन्य राज्यों में इसे लागू करने के लिए फिलहाल राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी पर काम चल रहा है।
  • 1 जनवरी 2020 से 11 राज्‍यों/केंद्र शासित प्रदेशों (आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना और त्रिपुरा) में भी विधिवत रूप से इंट्रास्टेट राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी को लागू कर दिया जाएगा गया है।

अभी FCI, CWC, SWCs और निजी गोदामों में रखे 6.12 करोड़ टन अनाज को हर साल 81 करोड़ लाभार्थियों को बांटा जा रहा है।
इसे जल्दी ही ऑनलाइन करके भ्रष्टाचार को खत्म किया जाएगा।

कैसे होगी पोर्टेबिलिटी?

  • कुछ राज्यों में ये योजना इसलिए ही लागू नहीं हो सकी क्यूंकि वहां पीडीएस दुकानों पर ePoS मशीनें नहीं लग सकी हैं।
  • इन मशीनो के बिना पोर्टेबिलिटी होना संभव नहीं है।
  • इन्हीं मशीनों के जरिए लाभार्थी का बायोमैट्रिक/आधार प्रमाणीकरण होता है और डाटा सर्वर तक पहुंचता है।
  • देशभर में फिलहाल 4.1 लाख यानी करीब 77% दुकानों पर ePoS डिवाइसेस काम कर रही हैं।

दो भाषाओं में जारी होगा राशन कार्ड

  • राशन कार्ड में राशन कार्ड धारक की जरुरी बातो का ब्यौरा होगा।
  • अधिकारी ने राज्यों से कहा गया है कि राशन कार्ड को दो भाषाओं में जारी करें।
  • एक स्थानीय भाषा और दूसरी भाषा हिन्दी अथवा अंग्रेजी का इस्तेमाल करें।

One Nation One Ration Card में होंगे 10 अंक

  • राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी के लिए 10 अंकों का राशन कार्ड जारी होगा।
  • जिसमें पहले दो अंक राज्य कोड होगा। अगले अंक राशन कार्ड संख्या के अनुरूप होंगे।
  • इसमें अगले दो अंक राशन कार्ड में परिवार के प्रत्येक सदस्य की पहचान के तौर पर शामिल होंगे।
  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून में 81.35 करोड़ लाभार्थियों के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 75 करोड़ लाभार्थियों को शामिल किया गया है।

एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना की अधिक जानकारी के लिए क्लिक करे – एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना

NOTE- हमारी इस वेबसाइट का उद्देश्य आप तक सरकार द्वारा चलाई जा रही सभी योजनाओ की जानकारी पहुँचाना है। अगर आपको ये जानकारी सही लगे तो दूसरो के साथ भी साँझा कीजिये। कोई त्रुटि हो तो हमे जरूर बताए।

“वन नेशन वन राशन कार्ड” क्या है?

जब कोई व्यक्ति एक राज्य से दूसरे राज्य जाता है और वहां रहता है या काम करता है तो उसे दूसरे राज्य में उसे राशन कार्ड के ऊपर मिलने वाले लाभ नहीं मिल पाते हैं यानी सब्सिडी पर अनाज नहीं मिल पाता है। इससे इस समस्या का समाधान होगा और गरीब प्रवासी श्रमिक देश के किसी भी राशन की दुकान से रियायती चावल और गेहूं खरीद सकेंगे।

वन नेशन वन राशन कार्ड स्कीम किस राज्य में लागू है ?

1 जून 2020 से यह योजना देशभर में लागू हो गई है। 

वन नेशन वन राशन कार्ड स्कीम में कैसे आवेदन करें ?

एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना का लाभ लेने के लिए आपको किसी प्रकार के आवेदन करने की जरूरत नहीं है। जो भी आवेदन की प्रक्रिया होगी वह राज्य सरकार के द्वारा आपसी सहमति से हो जाएगी।

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