मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना 2021: ऑनलाइन आवेदन

मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना | कोविड-19 बाल कल्याण योजना ऑनलाइन आवेदन | Mukhyamantri Covid-19 Bal Kalyan Yojana Application Form | कोविड-19 बाल कल्याण योजना लाभ व पात्रता |

मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना– जैसा कि हम सभी जानते हैं कि कोरोना वायरस के संक्रमण ने देश को झकझोर कर रख दिया है, इस संक्रमण से देश के कई नागरिकों की जान भी जा चुकी है. इस महामारी के कारण देश के कई बच्चे भी अनाथ हो गए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए ऐसे सभी बच्चों के लिए मध्य प्रदेश सरकार की ओर से मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना शुरू की गई है. इस योजना के तहत अनाथ बच्चों को पेंशन दी जाएगी।

आज हम अपने लेख के माध्यम से इस योजना से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी आपके साथ साझा करने जा रहे हैं। जैसे कि मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना क्या है?, इसका उद्देश्य, लाभ, सुविधाएँ, पात्रता, महत्वपूर्ण दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया आदि। इसलिए यदि आप कोविड -19 बाल कल्याण योजना से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं। और आप भी इस योजना का लाभ लेना चाहते है तो आप इस लेख को अंत तक पढ़े।

मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना

महिला-बाल विकास विभाग द्वारा जारी आदेश में मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना के उद्देश्य एवं क्रियान्वयन की प्रक्रिया स्पष्ट की गई है। योजना में परिवार से अभिप्राय पति-पत्नी और उन पर आश्रित बच्चों से है। बाल हितग्राही से अभिप्राय है ऐसे बालक, बालिका जिनकी आयु 21 वर्ष या उससे कम है, परंतु स्नातक में अध्ययनरत रहने की स्थिति में, 24 वर्ष या स्नातक पाठ्यक्रम की निर्धारित अवधि तक इनमें से जो भी कम हो और जिनके माता-पिता की कोविड-19 से मृत्यु हुई हो या माता-पिता का निधन पूर्व में हो गया था तथा उनके वैध अभिभावक की कोविड-19 से मृत्यु हुई हो या माता-पिता में से किसी एक का पूर्व में निधन हो चुका है

तथा अब दूसरे की कोविड -19 से मृत्यु हुई है। “कोविड-19 से मृत्यु” का अभिप्राय ऐसी किसी भी मृत्यु से है, जो 1 मार्च, 2021 से 30 जून, 2021 तक की अवधि में हुई। 18 वर्ष से कम आयु के बाल हितग्राही के मामले में संरक्षक का चिन्हांकन योजना के अंतर्गत कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा।

Mukhyamantri Covid-19 Bal Kalyan Yojana Highlights
योजना का नाम मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना
द्वारा शुरू की गयी मध्य प्रदेश सरकार
लाभार्थी मध्य प्रदेश के वह बच्चे जिनके माता-पिता या अभिभावक की मृत्यु कोविड-19 के कारण हो गई हो
उद्देश्य वे सभी बच्चे जिनके माता-पिता या अभिभावक की मृत्यु कोविड-19 के कारण हो गई हो उन को आर्थिक सहायता प्रदान करना।
आधिकारिक वेबसाइट यहाँ क्लिक करें

मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना का उद्देश्य

कोविड-19 के कारण कई परिवारों में आजीविका कमाने वाले माता-पिता की आकस्मिक मृत्यु हो गई है। मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना का मुख्य उद्देश्य उन सभी बच्चों को वित्तीय और खाद्य सुरक्षा प्रदान करना है जिनके माता-पिता और अभिभावकों की मृत्यु कोविड-19 संक्रमण के कारण हुई है। इस योजना के तहत, उन सभी बच्चों को 21 वर्ष की आयु तक पहुंचने तक ₹ 5000 की मासिक पेंशन प्रदान की जाएगी।

जिससे वह खुद को मेंटेन कर सके। साथ ही वे गरिमापूर्ण जीवन निर्वाह करते हुए अपनी शिक्षा भी निर्विघ्न रूप से पूरी कर सकें। Mukhyamantri Covid-19 Bal Kalyan Yojana 2021 के माध्यम से राज्य के बच्चों को दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इस राशि से वह खर्च कर सकेंगे। इसके अलावा सरकार की ओर से बच्चों को मुफ्त शिक्षा भी मुहैया कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना के अंतर्गत मिलने वाली सहायता

बाल लाभार्थी, जिनके माता-पिता/अभिभावक कोविड-19 की मृत्यु के बाद अनाथ हो गए हैं, उन्हें निम्नलिखित सहायता प्रदान की जाएगी-:

आर्थिक सहायता

इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक बाल लाभार्थी को प्रति माह 5000/- रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। यदि बाल लाभार्थी की आयु 18 वर्ष से कम है, तो सहायता राशि पहचान किए गए अभिभावक के संयुक्त खाते में जमा की जाएगी और बच्चे की आयु 18 वर्ष पूरी होने के बाद राशि उनके व्यक्तिगत खाते में दी जाएगी।

शिक्षा सहायता

शिक्षा सहायता निम्नानुसार प्रदान की जाएगी-:

स्कूल शिक्षा

इस योजना के तहत बाल लाभार्थी को निम्न प्रकार से अध्ययन करने में सहायता की जाएगी-:

  • कक्षा 1 से 8 –
    • बाल लाभार्थियों को सरकारी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाएगी।
    • आरटीई प्रावधान के तहत निजी लाभार्थी निजी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के लिए शुल्क या सीधे संबंधित स्कूल को भुगतान किया जाएगा।
    • यदि बाल लाभार्थी आरटीई कोटे के अलावा अन्य निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं या पढ़ रहे हैं, तो राशि संबंधित बाल लाभार्थी को / आरटीई प्रतिपूर्ति सीमा तक दी जाएगी।
  • कक्षा 9 से 12
    • सरकारी स्कूलों में बाल लाभार्थियों को मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाएगी।
    • निजी स्कूल में पढ़ने वाले बाल लाभार्थी को प्रति वर्ष 10,000 रुपये दिए जाएंगे।
उच्च शिक्षा

उच्च शिक्षा के सामान्य पाठयक्रमों के लिये निम्नानुसार सहायता प्रदान की जाएगी-:

  • केंद्रीय विश्वविद्यालयों और राज्य में स्थित सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत बाल लाभार्थियों को निम्नानुसार सहायता दी जाएगी|
    • परीक्षा शुल्क और अन्य वार्षिक शुल्क (मेस शुल्क सहित) सहित सभी वार्षिक शुल्क के लाभार्थी केंद्र या राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित विश्वविद्यालयों / कॉलेजों में लाभार्थियों को देय होंगे और राशि जमा करने से छूट दी जाएगी। बाल लाभार्थियों का प्रवेश नि:शुल्क होगा। संबंधित संस्थान को सभी शुल्क की प्रतिपूर्ति की जाएगी।
    • ऐसे निजी विश्वविद्यालय / अशासकीय महाविद्यालयों में जहाँ शुल्क का निर्धारण मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग द्वारा नियत किया जाता है उनमें अध्ययनरत होने पर समस्त वार्षिक वास्तविक शुल्क या रूपये 15,000, जो भी कम हो की प्रतिपूर्ति लाभार्थी के आधार लिंक्ड बैंक खाते में की जाएगी।

तकनीकी शिक्षा

  • तकनीकी शिक्षा के अंतर्गत स्नातक/पॉलिटेक्निक डिप्लोमा/आईटीआई/पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों के लिए निम्नानुसार सहायता प्रदान की जाएगी -:
    • बाल हितग्राही जो शासकीय / अनुदान प्राप्त इंजीनियरिंग महाविद्यालय में प्रवेश प्राप्त करता है, द्वारा देय शुल्क शासन द्वारा वहन किया जाएगा।
    • बाल हितग्राही जो निजी इंजीनियरिंग महाविद्यालय में जेईई मेन्स परीक्षा या पृथक प्रवेश परीक्षा के आधार पर प्रवेशित होने पर उन्हें अधिकतम रूपये 1.50 लाख प्रतिवर्ष या वास्तविक देय शुल्क जो भी कम हो, राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा।
    • बाल हितग्राही जो मध्यप्रदेश के उन निजी इंजीनियरिंग महाविद्यालयों में जहाँ स्नातक में प्रवेश 12 वीं कक्षा की परीक्षा के आधार पर होता है उनका वास्तविक शुल्क या रूपये 75000 वार्षिक जो भी कम हो राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा।

चिकित्सा शिक्षा एवं आयुष

  • जिन बाल हितग्राहियों ने राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (NEET) के आधार पर केन्द्र या राज्य शासन एवं निजी मेडिकल कॉलेज / डेन्टल कॉलेज के एबीबीएस / बीडीएस आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी (बी.ए. एम.एस/ बी.यू. एम. एस / बी. एच. एम. एस) पाठ्यक्रम एवं म.प्र. में स्थित प्रायवेट मेडिकल / आयुष महाविद्यालय के एमबीबीएस/ (बी.ए.एम.एस./ बी.यू. एम. एस / बी. एच. एम. एस) पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त किया हो, उनके द्वारा देय शुल्क राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा।
  • भारत शासन के ऐसे संस्थान, जो स्वयं के द्वारा आयोजित परीक्षा के आधार पर प्रवेश देते है, को भी योजना में सम्मिलित मान्य किया जाएगा। शासकीय मेडिकल कॉलेज में शिक्षित डॉक्टर 02 वर्ष तक राज्य शासन द्वारा सुनिश्चित ग्रामीण क्षेत्र में कार्य करने का अनुबंध करेगें और इस आशय के लिए बाँड रूपयें 10 लाख के रूप में निष्पादित करेगें। प्रायवेट कॉलेज में यह अवधि 05 वर्ष तथा बाँड की राशि रूपये 25 लाख होगी।

 विधि शिक्षा

  • CLAT (कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट) अथवा स्वयं के द्वारा अयोजित परीक्षा के माध्यम से राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों (NLU) एवं दिल्ली विश्वविद्यालय में बारहवीं कक्षा के बाद एडमिशन वाले कोर्स के बाल हितग्राही द्वारा देय शुल्क राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा।

भारत सरकार / राज्य सरकार के समस्त विश्वविद्यालयों / संस्थानों में संचालित ग्रेजुएशन प्रोग्राम एवं इंटीग्रेटेड पोस्ट ग्रेजुएशन प्रोग्राम एवं ड्यूल डिग्री कोर्स (जिसमे मास्टर डिग्री के साथ बैचलर डिग्री भी सम्मिलित है) के बाल हितग्राहियों द्वारा देय शुल्क राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा।

राज्य शासन के समस्त शासकीय एवं अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों / विश्वविद्यालयों में संचालित समस्त स्नातक तथा राज्य के उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत पोलीटेकनिक महाविद्यालयों में संचालित समस्त डिप्लोमा पाठ्यक्रमों एवं आईटीआई (ग्लोबल स्किल पार्क को सम्मिलित मानते हुये) को योजना के अंतर्गत शामिल किया जाएगा।

शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अथवा उसके अधीन संचालित पैरामेडिकल साइंस के डिप्लोमा / डिग्री एवं सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त करने वाले बाल हितग्राही द्वारा देय शुल्क राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा।

योजनान्तर्गत उच्च शिक्षा हेतु विभिन्न संस्थाओं को देय शुल्क के रूप में प्रवेश शुल्क एवं वास्तविक शुल्क (मेस शुल्क सहित) जो कि नियामक समिति अथवा मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग अथवा भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क है। . भुगतान किया जायेगा तथा प्रशस्ति पत्र राशि जमा करने पर भी छूट होगी।

इस योजना के तहत पात्र छात्र जो पहले से किसी भी पाठ्यक्रम में पढ़ रहे हैं, उन्हें भी योजना के वर्ष से लाभ दिया जाएगा।

यह स्पष्ट किया जाता है कि बाल लाभार्थी उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के बाद ही उस पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित वर्षों के लिए शिक्षा संबंधी लाभ प्राप्त करने का हकदार होगा।

 देखरेख संस्था

18 वर्ष से कम आयु के बाल लाभार्थी जिनके पास कोई घर या निश्चित निवास स्थान नहीं है और जिनके पास निर्वाह का कोई दृश्य साधन नहीं है। या कोई अभिभावक उनकी देखभाल करने को तैयार नहीं है। ऐसे बाल लाभार्थी को बाल कल्याण समिति द्वारा संरक्षण, भरण-पोषण, शिक्षा, चिकित्सा सहायता एवं पुनर्वास के लिए जरूरतमंद बालक घोषित कर राज्य में संचालित बाल देखभाल संस्था में प्रवेश सुनिश्चित किया जायेगा। ऐसे बाल लाभार्थी योजना के तहत प्रदान किए जाने वाले मासिक वित्तीय और मासिक राशन के लिए पात्र नहीं होंगे, लेकिन 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद इन बच्चों को पूरी सहायता मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना के प्रावधान के अनुसार प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना कार्यान्वयन

सभी पात्र बच्चे इस योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया नि:शुल्क है। सभी पात्र बच्चों की पहचान महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा की जाएगी। इन सभी बच्चों का पोर्टल पर आवेदन किया जाएगा। पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का सत्यापन जिला कलेक्टर के माध्यम से किया जाएगा। मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना 2021 के क्रियान्वयन हेतु एक जिला स्तरीय समिति भी गठित की गई है। जिसमें जिला कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला बाल विकास, उप निदेशक सामाजिक न्याय एवं जिला शिक्षा अधिकारी शामिल होंगे।

इस गठित समिति द्वारा सत्यापन के बाद लाभ की राशि हितग्राहियों के खाते में अंतरित कर दी जाएगी। इस योजना के क्रियान्वयन का नोडल विभाग महिला एवं बाल विकास विभाग होगा। योजना की निगरानी एवं मूल्यांकन महिला एवं बाल विकास विभाग ही करेगा।

मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना के लाभ तथा विशेषताएं

  • इस योजना के माध्यम से उन सभी बच्चों को प्रतिमाह ₹5000 की पेंशन प्रदान की जाएगी जिनके माता-पिता या फिर अभिभावक की मृत्यु कोरोनावायरस संक्रमण के कारण हुई है।
  • यह पेंशन बच्चों को 21 साल की आयु होने तक प्रदान की जाएगी।
  • इसके अलावा बच्चों को शिक्षा एवं राशन की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
  • इस योजना का लाभ वह सभी बच्चे उठा पाएंगे जिनके माता-पिता या फिर अभिभावक की मृत्यु 1 मार्च 2020 से लेकर 30 जून 2021 के बीच हुई है।
  • MP Covid-19 Bal Kalyan Yojana 2021 के कार्यान्वयन के लिए 6 सदस्य कमेटी का गठन प्रत्येक जिले में किया गया है।
  • इस योजना का लाभ वह बच्चे भी उठा पाएंगे जिनके माता-पिता का निधन कोरोनावायरस संक्रमण के इलाज के 2 महीने बाद हुआ है।
  • मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली पेंशन की राशि सीधे लाभार्थी के खाते में जमा की जाएगी।
  • इस योजना के अंतर्गत निर्वाह भत्ता के रूप में ₹1500 की आर्थिक सहायता एवं वाहन भत्ते के रूप में ₹500 की आर्थिक सहायता भी प्रतिमाह प्रदान की जाएगी।
  • प्रदेश के बच्चों को पहली कक्षा से लेकर पीएचडी तक निशुल्क शिक्षा भी इस योजना के अंतर्गत प्रदान की जाएगी।
  • बजट Covid care Program योजना के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक राशि का प्रावधान महिला बाल विकास विभाग के बजट में किया जाएगा। सहायता राशि प्रदान करने की प्रक्रिया एवं पोर्टल के उपयोग के संबंध में विस्तृत निर्देश पृथक से जारी किये जाएंगे।
  • निगरानी एवं मूल्यांकन महिला एवं बाल विकास द्वारा की जाएगी।
  • नोडल विभाग–योजना के क्रियान्वयन हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग नोडल विभाग होगा।

मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना की पात्रता

  • आवेदक मध्य प्रदेश का स्थाई निवासी होना चाहिए।
  • आवेदक के परिवार को मुख्यमंत्री कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना का लाभ ना प्राप्त हो रहा हो।
  • इस योजना के अंतर्गत वह बच्चे भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं जिनके माता-पिता की मृत्यु पहले हो गई हो लेकिन उनके अभिभावक की मृत्यु कोविड-19 संक्रमण के कारण हुई हो।
  • वह बच्चे भी इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं जिनके माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु पहले हो गई हो और दूसरे की मृत्यु कोविड-19 संक्रमण के कारण हुई हो।
  • इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक की आयु 21 वर्ष या फिर उससे कम होनी चाहिए।
  • यदि बच्चा स्नातक पाठ्यक्रम में अध्ययनरत है तो वह इस योजना का लाभ 24 वर्ष की आयु तक या स्नातक पाठ्यक्रम की निर्धारित अवधि पूरी होने तक उठा सकता है।

मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • जन्म प्रमाण पत्र
  • कोरोन से माता-पिता या अभिभावक की मृत्यु का मेडिकल बोर्ड प्रमाण पत्र।
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ
  • मोबाइल नंबर

मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना में ऑफलाइन आवेदन कैसे करें?

  • सबसे पहले, आपको नगर निगम आयुक्त, सीएमओ या फिर जनपद पंचायत के सीईओ के ऑफिस जाना होगा।
  • अब आपको वहां से इस योजना में आवेदन करने के लिए आवेदन पत्र मांगना होगा।
  • इसके बाद आपको आवेदन पत्र में पूछी गई सभी आवश्यक जानकारी जैसे कि आपका नाम, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर आदि भरना होगा।
  • अब आपको आवेदन पत्र के साथ सभी मांगे गए महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अटैच करना होगा।
  • उपरोक्त प्रक्रिया पूरी करने के बाद, आपको इस आवेदन पत्र को नगर निगम आयुक्त, सीएमओ या फिर जनपद पंचायत के सीईओ के ऑफिस में जमा करना होगा।

मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

अगर आप मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना के अंतर्गत आवेदन करने के इक्छुक हैं तो आप निचे दी गयी प्रक्रिया का पालन करके कर सकते है।

  • सबसे पहले, आपको आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • अब आपके सामने पोर्टल का होमपेज खुलेगा।
  • होम पेज पर आपको आवेदन करें के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • आपके सामने एक नया पेज खुलेगा।
  • इस पेज पर आपको अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, पासवर्ड आदि दर्ज करना होगा।
  • अब आपको रजिस्टर के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद आपको लॉगिन के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • अब आपको अपना मोबाइल नंबर तथा पासवर्ड दर्ज करना होगा।
  • इसके बाद आपको सबमिट करें के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • अब आप को मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना 2021 के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • अब आपके सामने आवेदन फॉर्म खुलकर आएगा।
  • आपको आवेदन फॉर्म में पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे कि आपका नाम, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर आदि दर्ज करना होगा।
  • अब आपको सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपलोड करना होगा।
  • उपरोक्त सभी प्रक्रिया पूरी करने के बाद, आपको सबमिट के विकल्प पर क्लिक करना होगा।

आवेदन की स्थिति कैसे देखें?

  • सबसे पहले, आपको आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • अब आपके सामने पोर्टल का होमपेज खुलेगा।
  • इसके बाद आपको आवेदन देखें के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • अब आपको लॉगिन के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • आपको अपना मोबाइल नंबर तथा पासवर्ड दर्ज करना होगा।
  • इसके बाद आपको सबमिट करें के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • अब आपको मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना के अंतर्गत आवेदन की स्थिति देखे के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • यहाँ आपको अपना एप्लीकेशन नंबर दर्ज करना होगा।
  • अब आपको सबमिट के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • आवेदन की स्थिति आपके कंप्यूटर स्क्रीन पर होगी।

निष्कर्ष

मख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा हाल ही में ऐसे बच्चों को आर्थिक, खाद्य एवं शिक्षा सहायता देने का निर्णय लिया है, जिनके माता-पिता की कोविड-19 से आकस्मिक मृत्यु हो गई है। ऐसे सभी बच्चों के लिये राज्य शासन ने मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल-कल्याण योजना के आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से योजना को प्रदेश में लागू कर दिया है।

आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी कैसी लगी, हमें कमेंट सेक्शन में बताएं? किसी अन्य योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए योजना सरकार पर हमारे साथ जुड़े रहें, धन्यवाद।

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