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आर्थिक पैकेज की चौथी किस्त – लॉकडाउन में कोयला, रक्षा विनिर्माण, विमानन क्षेत्र से संबंधित क्षेत्रों के लिए बड़े एलान

आर्थिक पैकेज की चौथी किस्त | लॉकडाउन 2020 आर्थिक पैकेज के बड़े एलान | 8 सेक्टर का होगा कायाकल्प |  मेक इन इंडिया को बढ़ावा | आत्मनिर्भर भारत अभियान | 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज | PM Modi Rs 20 Lakh Crore Relief Package | PM Modi Atmanirbhar Bharat Abhiyan Package | PM Matsya Sampada Yojana(PMMSY)

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज आर्थिक पैकेज की चौथी किस्त की जो घोषणाएं की हैं उनमें कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे कोयला, खनिज, रक्षा, विमानन, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा को शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘इन उपायों और सुधारों से कारोबार के नए अवसर पैदा होंगे। इनसे आर्थिक रूपांतरण में मदद मिलेगी।’

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आर्थिक पैकेज की चौथी किस्त के प्रमुख बिंदु –

  • कोल सेक्टर में सरकार का एकाधिकार खत्म करने के साथ 50 नए ब्लॉक खोलने की अहम घोषणा हुई।
  • डिफेंस सेक्टर में आटोमैटिक रूप से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा मौजूदा 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी कर दिया गया।
  • सोशल इंफ्रा सेक्टर के लिए 8100 करोड़ रुपये के एक पैकेज का एलान भी किया है।
  • सिविल एविएशन के क्षेत्र में भी सरकार ने अधिक हवाई क्षेत्र सिविल उड़ानों के लिए खोलने के साथ 6 एयरपोर्ट की नीलामी की भी घोषणा की।
  • पावर सेक्टर में भी एक अहम फैसले के तहत सरकार ने यूनियन टैरेटरी में डिस्कॉम के निजीकरण करने की बात कही है।

पहली किस्त में क्या क्या घोषणाएं हुई
दूसरी किस्त में क्या क्या घोषणाएं हुई 
तीसरी किस्त में क्या क्या घोषणाएं हुई 
आर्थिक पैकेज की फाइनल किस्त में क्या क्या घोषणाएं हुई 

आर्थिक पैकेज की चौथी किस्त के 8 सेक्टर्स में बदलाव

चलिए 1-1 करके जानते है की इन 8 सेक्टर्स में सरकार ने क्या राहत दी है-

कोल सेक्टर में राहत-

कमर्शल माइनिंग –

      • कोल सेक्टर में कमर्शल माइनिंग को लागू किया गया है।
      • इसका लक्ष्य कोयले के आयात को घटाना है।
      • इससे इस सेक्टर में प्रतिस्पर्धा का भाव आएगा, पारदर्शिता बनेगी और काम में भी तेजी आएगी।
      • यह रेवेन्यू शेयरिंग मकेनिज्म पर आधारित होगा।
      • इस सेक्टर में 50 हजार करोड़ का भारी निवेश भी किया जाएगा।
      • इस सेक्टर में घुसने के रास्ते को आसान बनाया जाएगा।
      • 500 माइनिंग ब्लॉक की खुली नीलामी होगी।

कोयला क्षेत्र में सरकार का एकाधिकार समाप्त होगा-

      • कोयला क्षेत्र में निजी कंपनियों को वाणिज्यिक खनन शुरू करने के लिए करीब 50 ब्लॉक पेश किए जाएंगे।
      • एलिजिबिलिटी की कोई क्राइटेरिया नहीं होगी।
      • जरूरत के अनुसार ही कोल का आयात हो, इस पर फोकस किया जाएगा।
      • वाणिज्यिक खनन के लिए प्रति टन शुल्क की व्यवस्था के बजाय राजस्व-भागीदारी व्यवस्था पेश की जायेगी।
      • खनिज क्षेत्र में खोज-खनन-उत्पादन एक समग्र अनुमति की व्यवस्था की शुरुआत की जाएगी।
      • सरकार कोल को गैस में कन्वर्ट करने पर इंसेटिव देगी।
      • कोलबेड मिथेन का भी आक्शन होगा।
      • निजी क्षेत्र को देकर ज्यादा खनन किया जाएगा।
      • समय से पहले खनन की प्रक्रिया पूरी करने पर प्रोत्साहन मिलेगा।

दूसरे खनिज क्षेत्र

      • एल्युमिनियम इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए बॉक्साइट और कोल मिनिरल्स ब्लॉक की संयुक्त नीलामी की जाएगी।
      • स्टील जैसे सेक्टर के लिए ओपन आक्सनिंग होगी।
      • सिर्फ अपफ्रंट पेमेंट करनी होगी।
      • आंशिक रूप से एक्सप्लोर खदान भी खोले जाएंगे।

रक्षा क्षेत्र में क्या क्या घोषणाएं हुई ?

डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग

      • हथियारों के आयात पर प्रतिबंध लगेगा।
      • हथियार और साजो सामान की खरीद सिर्फ भारत से की जा सकेगी।
      • डिफेंस उपकरणों को देश में बनाने पर जोर रहेगा।

ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड का निगमीकरण

      • ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड का निगमीकरण किया जाएगा
      • कामकाज में सुधार, अच्छे उत्पाद बन सके, सेना को अच्छे हथियार मिले आदि के लिए निगमीकरण आवश्यक है।
      • FDI की सीमा 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी कर दी गई है।
      • जब तक रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर नहीं हो जाते हैं तो तब तक हथियारों की खरीद प्रक्रिया टाइम बाउंड होगी।
      • कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) का गठन किया जाएगा।
      • ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड की ऑटोनॉमी और अकाउंटिबिलिटी बढ़ाई जाएगी।

सिविल एविएशन सेक्टर

  • एयरलाइंस की लागत कम करने पर जोर देंगे।
  • सरकार ने एयरस्पेस बढ़ाने का फैसला किया है।
  • अब तक केवल 60 फीसदी एयरस्पेस खुला है।
  • एयरस्पेस बढ़ाने से सरकार को 1000 करोड़ की कमाई होगी।
  • भारतीय वायु क्षेत्र की पांबदी को सरल और सुगम बनाया जाएगा।
  • मिलिट्री विभाग के साथ समन्वय कर इसे जल्द तैयार किया जाएगा।
  • पर्यावरण को फायदा होगा, लोगों का समय बचेगा, बजट भी घटेगा।
  • देश में एक भी एयरक्रॉफ्ट मेंटिनेंस सेंटर नहीं है, भारत को एयरक्रॉफ्ट मेंटिनेंस, रीपेयर ऐंड ओवरहॉल (MRO) का हब बनाया जाएगा।
  • नागरिक विमान और सिविल विमान मेन्टेंनेस के लिए टैक्स रिजीम में बदलाव किया गया है।
  • 2023 तक इसे 800 करोड़ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
  • पीपीपी मॉडल से एयरपोर्ट का विकास किया जाएगा।
  • पीपीपी आधारित छह विश्वस्तरीय एयरपोर्ट बनाए जाएंगे। 
  • 6 एयरपोर्ट में निजी कंपनियों की भागीदारी के लिये नीलामी की जाएगी।
  • 12 हवाई अड्डों में निजी कंपनियों से 13 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश मिलेगा।

पावर डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर

  • पावर डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर के लिए केंद्र शासित प्रदेशों में टैरिफ पॉलिसी रिफॉर्म को लागू किया जाएगा।
  • केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) का निजीकरण किया जायेगा।
  • इससे बिजली उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
  • डिस्कॉम की अक्षमता का बोझ कंज्यूमर पर नहीं डाला जाएगा।
  • डिस्कॉम के लिए पेनाल्टी को भी लागू किया जाएगा अगर सर्विस में किसी तरह की समस्या आती है।
  • बिजली कंपनियों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बिजली वितरण में स्थिरता आएगी।
  • सब्सिडी डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी।

एटॉमिक एनर्जी सेक्टर

  • पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड पर रिसर्च रिएक्टर स्थापित की जाएगी।
  • इसका मकसद मेडिकल आइसोटॉप बनाना होगा।
  • देश के युवा टैलेंट की मदद से कैंसल समेत अन्य बीमारियों के लिए सस्ता ट्रीटमेंट उपलब्ध कराया जाएगा।
  • भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम का इसमें भरपूर इस्तेमाल किया जाएगा।
  • टेक्नोलॉजी डिवेलपमेंट कम इन्क्यूबेशन सेंटर्स की मदद से रिसर्च और टेक्नॉलजी का उचित और महत्वपूर्ण इस्तेमाल किया जाएगा।

सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर

  • सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिये सामाजिक बुनियादी ढांचे में निजी निवेश (प्राइवेट सेक्टर इन्वेस्टमेंट) को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • इसके लिए 8100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाएगा। 
  • 30 फीसदी केंद्र और 30 फीसदी राज्य सरकारें वायबिलिटी गैप फंडिंग में देंगी।
  • लेकिन शेष क्षेत्र में 20—20 फीसदी ही रहेगा।

स्पेस सेक्टर

  • स्पेस ऐक्टिविटी में प्राइवेट सेक्टर को मौका मिलेगा।
  • प्राइवेट कंपनीज भी ISRO की सुविधा का इस्तेमाल कर सकती हैं।
  • नए ग्रहों की खोज या अंतरिक्ष यात्रा में निजी क्षेत्र बढ़कर आगे आए इसका प्रयास किया जाएगा।
  • उपग्रहों, प्रक्षेपणों और अंतरिक्ष-आधारित सेवाओं समेत भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में निजी कंपनियों को भगीदारी के अवसर मिलेंगे।

मेडिकल सेक्टर

  • मेडिकल आइसोटोप के लिए पीपीपी नीति से उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • परमाणु ऊर्जा से संबंधित सुधारों पर काम किया जाएगा।
  • कैंसर एवं अन्य बीमारियों के किफायती उपचार के लिये पीपीपी आधार पर अनुसंधान नाभिकीय संयंत्र बनाये जायेंगे।
  • रेडिएशन टेक्नोलॉजी के जरिए स्टोरेज को बढ़ाया जाएगा।
  • मेडिकल इक्विपमेंट के उत्पादन को बढ़ाने के पलिए पीपीपी मोड से कंपनियां बनेंगी और इससे मानवता की सेवा को बल मिलेगा।
  • इसका फायदा कृषि क्षेत्र को मिलेगा।
  • इस सेक्टर में स्टार्टअप को प्रमोट किया जाएगा।
  • आण्विक ऊर्जा से जुड़ी नीतियां बनेंगी।
  • कोविड 19 के जरिेए हमने पूरी दुनिया में मेडिकल सामान पहुंचाया, उसे और आगे बढ़ाएंगे।

अन्य प्रमुख बातें

  • सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए फास्ट-ट्रैक इन्वेस्टमेंट प्लान बनाया है।
  • इसके लिए एम्पावर्ड ग्रुप ऑफ सेक्रेटरीज (EGoS) बनाने का फैसला लिया गया है।
  • सभी मंत्रालय में प्रोजेक्ट डिवेलपमेंट सेल बनाए जाएंगे।
  • राज्यों की निवेश आकर्षित करने के आधार पर रैंकिंग की जाएगी।
  • वित्त मंत्री ने कहा कि हमारा फोकस बुनियादी सुधारों पर है। हम देश में ज्यादा से ज्यादा इन्वेस्टमेंट लाना चाहते हैं।
  • आज का फोकस रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म पर है।
  • कई सेक्टर में नीतिगत बदलाव की जरूरत है।
  • हमें अपने उत्पादों को विश्वसनीय बनाना होगा।

आर्थिक पैकेज की चौथी किस्त से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर (FAQ)

रक्षा क्षेत्र में क्या राहत दी है ?

FDI की सीमा 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी कर दी गई है। हथियारों के आयात पर प्रतिबंध लगेगा और डिफेंस उपकरणों को देश में बनाने पर जोर रहेगा।

आर्थिक पैकेज चौथी किस्त में क्या क्या ऐलान हुए?

आर्थिक पैकेज की चौथी किस्त की जो घोषणाएं की हैं उनमें कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे कोयला, खनिज, रक्षा, विमानन, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा को शामिल किया गया है।

पावर डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में क्या बदलाव किये गए है?

केंद्र शासित प्रदेशों में टैरिफ पॉलिसी रिफॉर्म को लागू करने के साथ साथ बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) का निजीकरण किया जायेगा।

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Priya