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एलआईसी जीवन लक्ष्य योजना- जानिए योजना के बारे में

एलआईसी कई बचत योजनाएं पेश करता है, जिनसे जुड़कर लोग अपना और अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं। ऐसी ही 1 पॉलिसी है एलआईसी जीवन लक्ष्य पॉलिसी। एलआईसी की जीवन लक्ष्य पॉलिसी सीमित प्रीमियम, नॉन-लिंक्ड योजना है जो सुरक्षा और बचत को महत्व देती है।

यह योजना वार्षिक आय लाभ प्रदान करती है जो परिवार की जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकती है।यह योजना अपनी ऋण सुविधा के माध्यम से तरलता की जरूरतों का भी ध्यान रखती है। यह योजना वर्ष 2015 में मार्च महीने में शुरू हुई थी।

कब ले सकते है एलआईसी जीवन लक्ष्य योजना?

  • न्यूनतम 18 साल से लेकर अधिकतम 50 साल का व्यक्ति इस पॉलिसी को ले सकता है।
  • 65 वर्ष इस प्लान के तहत अधिकतम मैच्योरिटी उम्र सीमा है।
  • इस पॉलिसी का समयकाल 13 से 25 साल के बीच हो सकता है, जबकि शुरुआती तीन साल के प्रीमियम भरना जरूरी होता है।
  • प्रीमियम का भुगतान सालाना, अर्ध-वार्षिक, त्रैमासिक और मासिक अवधि में किया जा सकता है।

एलआईसी जीवन लक्ष्य प्लान की मुख्य विशेषताएं

  • पॉलिसी के लिए न्यूनतम राशि 1,00,000 रुपये है और अधिकतम किसी भी सीमा तक हो सकती है।
  • प्रीमियम भुगतान अवधि पालिसी अवधि से 3 वर्ष कम होती है। अगर पालिसी अवधि 20 वर्ष है, तो आपको 17 वर्ष तक प्रीमियम का भुगतान करना होगा।
  • मूल बीमा राशि केवल 10,000 रुपये के गुणकों में हो सकती है।
  • पॉलिसी मैच्योर होने से पहले अगर पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाती है, तब उसके परिजन को सम एश्योर्ड रकम के साथ बोनस और फाइनल एडिश्नल बोनस (अगर होगा तब) भी दिया जाएगा।
  • आप 3 वर्ष के बाद पालिसी से लोन भी ले सकते हैं।

एलआईसी जीवन लक्ष्य योजना के लिए दस्तावेज

  • योजना के प्रस्ताव का विधिवत भरा हुआ और हस्ताक्षर किया हुआ फॉर्म
  • पहला प्रीमियम भरने के लिए चेक या कैश
  • पासपोर्ट आकर का फोटोग्राफ
  • वैध्य पहचान पत्र
  • पते का सबूत
  • जन्म प्रमाण की तिथि
  • आय का प्रमाण

एलआईसी जीवन लक्ष्य योजना मृत्यु लाभ-

  • मृत्यु के बाद पालिसी maturity के एक वर्ष पहले तक हर वर्ष बीमा राशि की 10% राशि मिलती है।
  • साथ ही पालिसी मेच्योर होने पर बीमा राशि की 110% राशि दी जाती है। इसके साथ बोनस भी दिए जाते हैं।
  • बोनस में निहित साधारण प्रत्यावर्ती बोनस (Vested Simple Reversionary Bonus), अंतिम अतिरिक्त बोनस (Final Additional Bonus) दिया जाता है।

एलआईसी जीवन लक्ष्य योजना मेच्योरिटी लाभ-

बीमा राशि + निहित साधारण प्रत्यावर्ती बोनस+ अंतिम अतिरिक्त बोनस

साधारण प्रत्यावर्ती बोनस – यह बोनस आपको आपके बीमा राशि के ऊपर दिया जाता है। बोनस की घोषणा प्रति 1,000 रुपये के बीमा राशि पर होती है। इस बोनस की घोषणा हर वर्ष होती है और इस पर कोई रिटर्न भी नहीं मिलता। आपको यह सारी राशि पॉलिसी मेच्योर होने पर ही मिलती है।
अंतिम अतिरिक्त बोनस- यह केवल परिपक्वता या मृत्यु के वर्ष में ही लागू होता है।

उदहारण –

मान लीजिये एक 30 वर्षीय व्यक्ति 30 वर्ष की पॉलिसी अवधि के लिए 5 लाख रुपये का जीवन लक्ष्य प्लान खरीदता है। प्रीमियम भुगतान की अवधि 27 वर्ष (30 वर्ष – 3 वर्ष) होगी।
मान लीजिये 10 वर्ष बाद पालिसी धारक की मृत्यु हो जाती है।

ऐसी स्तिथि में धारक के परिवार के ग्यारहवे पॉलिसी वर्ष से सत्ताइसवें पॉलिसी वर्ष तक (from 11th policy year until 27th policy year) हर वर्ष 50,000 (5 लाख * 10%) रुपये मिलेंगे।

पॉलिसी मेच्योरिटी के समय 5.5 लाख रुपये और साथ में बोनस भी मिलेगा। मान लीजिये पॉलिसी में हर वर्ष 69 रुपये प्रति 1,000 रुपये बीमा राशि के बोनस की घोषणा होती है, ऐसे में आपका मेच्योरिटी के समय बोनस हुआ: 30* 5 लाख/1000 * 69 = 10.35 लाख रुपये।

इसके अलावा, मान लीजिये अंतिम अतिरिक्त बोनस है 200 रुपये प्रति 1000 रुपये बीमा राशि। ऐसे में आपका बोनस हुआ 5 लाख * 200/1000 =1 लाख रुपये।

आपको कुल मिला कर मिलेंगे 5.5 लाख रुपये + 10.35 लाख रुपये + 1 लाख रुपये = 16.85 लाख रुपये।

अब देखें तो, अगर 10 वर्ष बाद मृत्यु होती है, तो आपके परिवार को मिलेंगे:

ग्यारहवे पॉलिसी वर्ष से सत्ताइसवें पॉलिसी वर्ष तक हर वर्ष 50 हज़ार रुपये
तीसवें वर्ष में पॉलिसी मेच्योरिटी के समय 16.85 लाख रुपये

योजना में एक्सक्लूजन-

  • अगर पालिसी धारक, पालिसी खरीदने के 12 महिने के भीतर आत्महत्या कर लेता है तो, नॉमिनी को भरे हुए प्रीमियम का केवल 80% रकम वापस मिलेगा।
  • अगर “दुर्घटना मृत्यु राइडर” और “दिव्यांग लाभ राइडर” लिया जाता है और मृत्यु का कारण खुद से पहुंचाई छति, आत्महत्या, दंगे, युद्ध, शराब, नशीली दवाओं के उपयोग के कारण या किसी दुर्घटना के 180 दिन बाद होनेवाली परेशानियों से मृत्यु होती है तो राइडर का लाभ नहीं मिलेगा।

पॉलिसीधारक अगर किसी कारण प्लान जारी नहीं रखना चाहता है, तब वह पॉलसी सरेंडर भी कर सकता है। यह काम शुरुआती तीन प्रीमियम भरने के बाद कभी भी किया जा सकता है। पर एक्सपर्ट्स की सलाह रहती है कि पॉलिसी को सरेंडर नहीं करना चाहिए, क्योंकि प्लान खत्म करने के बाद पॉलिसीधारक को मिलने वाली रकम कट कर मिलती है।

योजना कैसे खरीदें:

यह एक ऑफलाइन योजना है, इसे कंपनी के एजेंट या ब्रोकर से खरीदा जा सकता है।
इसे कंपनी की किसी शाखा में जाकर या कंपनी के किसी अधिकारी के माध्यम से भी खरीदा जा सकता है।

क्या है NRC और NPR में अंतर – जानने के लिए लिंक पर क्लिक करे।
LIC/एलआईसी कन्यादान पॉलिसी के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करे।
स्टार्टअप इंडिया स्टैंड अप इंडिया के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करे।

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Priya