आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना 2021: ऑनलाइन आवेदन, रजिस्ट्रेशन

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आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना- आज दिनांक 12 नवंबर 2020 को हमारे देश की वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने देश के युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के लिए आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना को आरंभ किया है, आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना 30 जून 2021 तक कार्यरत रहेगी | आत्मनिर्भर रोजगार योजना ऑनलाइन आवेदन, Aatmnirbhar Bharat Rozgar Yojana Registration, प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर रोजगार योजना के उद्देश्य, लाभ एवं अन्य जानकारियां आपको इस लेख में दी जाएँगी। हमारे देश की वित्त मंत्री द्वारा रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए इस योजना की घोषणा की गयी है। यदि आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तो हमारे इस लेख को अंत तक पढ़े |

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आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना

जैसे की हम सब जानते हैं कि हमारे देश में बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है, इसी को ध्यान में रखते हुवे वित्त मंत्री द्वारा आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की शुरुआत की गयी है। इन सभी बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस योजना को शुरू किया गया है इस आत्मनिर्भर रोजगार योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए बहुत से कार्य किये जायेंगे।| इस योजना के माध्यम से देश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जायेगा। जिससे रोजगार मिलने पर किसी भी व्यक्ति को किसी दूसरे पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यदि देश का कोई भी बेरोजगार नागरिक इस योजना का लाभ लेना चाहता है, तो उसको इस योजना के अंतर्गत आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

 

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना सर्वेक्षण

18 फरवरी 2021 को, श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने नीति निर्माण के लिए डेटा के महत्व पर जोर देते हुए, प्रवासी और घरेलू श्रमिकों सहित पांच अखिल भारतीय सर्वेक्षणों के लिए एक सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन शुरू करने का फैसला किया है। श्रम मंत्री द्वारा दिशानिर्देश और सर्वेक्षण प्रश्नावली भी प्रदान की गई है। सरकार द्वारा सटीक आंकड़ों के आधार पर विभिन्न योजनाएं बनाई जाती हैं। यदि सरकार के पास सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं होंगे, तो सरकार द्वारा सटीक योजनाएं नहीं बनाई जा सकती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, सरकार एक सर्वांगीण सर्वेक्षण करेगी। इस सर्वेक्षण के माध्यम से एकत्र किए जाने वाले आंकड़ों के माध्यम से योजनाएं बनाई जाएंगी। पांच सर्वेक्षण श्रम मंत्रालय द्वारा आयोजित किए जाएंगे, जो कुछ इस प्रकार है।

  • ऑल इंडिया सर्वे ऑन माइग्रेंट वर्कर्स
  • ऑल इंडिया सर्वे ऑन डॉमेस्टिक वर्कर्स
  • ऑल इंडिया सर्वे ऑन इंप्लॉयमेंट जेनरेटेड बाय प्रोफेशनल
  • ऑल इंडिया सर्वे ऑन इंप्लॉयमेंट जेनरेटेड इन ट्रांसपोर्ट सेक्टर
  • ऑल इंडिया क्वार्टरली establishment बेस्ड एम्प्लॉयलेंट सर्वे

इन सर्वेक्षणों के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को ठीक से लागू किया जा रहा है या नहीं। सरकार द्वारा आत्मनिर्भर भारत योजना शुरू की गई थी। जिसके तहत सरकार ने 2 साल के लिए 25000 करोड़ रुपये का बजट रखा था। इस योजना के माध्यम से 54 लाख नए कर्मचारियों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इन सर्वेक्षणों के माध्यम से, आत्मनिर्भर भारत योजना योजना की भी समीक्षा की जाएगी और यह पता लगाया जा सकता है कि यह योजना ठीक से लागू हो रही है या नहीं। इन सर्वेक्षणों का परिणाम 7 से 8 महीनों में आएगा।

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना को मिली केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी

कंपनियों को आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना में नियुक्तियां करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए, नियोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों को 2 साल के लिए कंपनियों और अन्य इकाइयों द्वारा की गई नई भर्तियों के लिए ईपीएफ में सरकार द्वारा योगदान दिया जाएगा। इस वित्तीय वर्ष के लिए योजना के तहत केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 1585 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा, योजना की पूरी अवधि के लिए 22,810 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं जो 2020 से 2023 तक हैं। 58.5 लाख कर्मचारियों को आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के माध्यम से लाभान्वित किया जाएगा।

16.5 लाख लाभार्थियों को मिला योजना का लाभ

कोरोना संक्रमण के दौरान होने वाले रोजगार के नुकसान की भरपाई के लिए भारत रोजगार योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत, नई नियुक्ति पर 2 साल के लिए कर्मचारी भविष्य निधि का योगदान सरकार द्वारा किया जाएगा। यह योगदान 12% -12% वेतन का होगा। इस योजना के माध्यम से नियोक्ताओं को रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस योजना के तहत अब तक लगभग 16.5 लाख नागरिक लाभान्वित हुए हैं। यह जानकारी श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने 17 मार्च 2021 को राज्यसभा में दी है। आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के माध्यम से लागू किया जाएगा।

इसके अलावा, श्रम मंत्री द्वारा यह भी बताया गया कि पीएमजीकेवाई योजना के तहत 38.82 लाख कर्मचारियों के ईपीएफ खाते में 2567.66 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं। इसके अलावा, अप्रैल से दिसंबर 2020 के दौरान कर्मचारी भविष्य निधि योजना में 9.27 लाख महिलाओं को जोड़ा गया है, नई पेंशन योजना में 1.13 लाख महिला कर्मचारी और कर्मचारी राज्य बीमा योजना में 2.03 लाख महिला कर्मचारी।

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना का विवरण

योजना का नाम आत्मनिर्भर भारत रोजगार
किसके द्वारा आरम्भ निर्मला सीतारमण
आरम्भ करने की तिथि 12-11-2020
योजना की अवधि 2 वर्ष
उद्देश्य रोजगार के नए अवसर प्रदान करना
आधिकारिक वेबसाइट यहाँ क्लिक करें

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना का उद्देश्य

आत्मनर्भर रोजगार योजना शुरू करने का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को रोजगार के नए अवसर प्रदान करना है, जिन्होंने कोरोना महामारी के कारण अपना रोजगार खो दिया है। इस योजना की शुरूआत निश्चित रूप से अर्थव्यवस्था में एक नया बदलाव लाएगी और हम फिर से एक विकसित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ेंगे। यह योजना निश्चित रूप से रोजगार प्रदान करने में सकारात्मक भूमिका निभाएगी।

आत्मनिर्भर रोजगार योजना 10 लाख नौकरियों का लक्ष्य

आत्म्निभर भारत योजना योजना के तहत, कंपनियों को ईपीएफओ द्वारा वेतन सब्सिडी प्रदान की जाएगी, अगर वे लॉकडाउन के दौरान निकाल दिए गए कर्मचारियों को वापिस रखते हैं तो उन्हें 12% से 24% तक की छूट दी जाएगी। सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के माध्यम से अगले 2 वर्षों में 10 लाख नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य रखा है। इस योजना के तहत लगभग 6000 करोड़ खर्च होंगे। सूत्रों के अनुसार, ईपीएफओ ने अब तक 20 या अधिक श्रमिकों वाली 5 लाख कंपनियों को पंजीकृत किया है।

जिसमें से, यदि प्रत्येक कंपनी दो कर्मचारियों को रोजगार प्रदान करती है, तो 10 लाख नौकरियों का लक्ष्य आसानी से प्राप्त होगा। यह सरकारी नौकरी की दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है। इस कदम से, यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि अर्थव्यवस्था वर्ष की शुरुआत में अच्छी नहीं थी लेकिन वर्ष के अंत में अर्थव्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद है। कई सेक्टर में डिमांड बढ़ रही है। इसके साथ, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि जो कर्मचारी नौकरी खो चुके हैं उन्हें जल्द से जल्द नौकरी वापस मिल जाएगी |

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना लाभार्थी

इस योजना के तहत, केंद्र सरकार नए कर्मचारियों को लाभ प्रदान करेगी जो पहले भविष्य निधि के साथ पंजीकृत नहीं थे और अब अगर वे किसी संस्था में ईपीएफओ के तहत पंजीकृत हैं और उनका वेतन 15000 प्रति माह या उससे कम है, तो जिन व्यक्तियों ने 1 मार्च, 2020 से 30 सितंबर, 2020 के बीच अपनी नौकरी खो दी है, और यदि उन्हें 1 अक्टूबर, 2020 के बाद फिर से नौकरी मिलती है, यदि कर्मचारी भविष्य निधि के तहत पंजीकृत हैं, तो उन्हें Aatmnirbhar Bharat Rojgar Yojana के तहत शामिल किया जाएगा और सभी लाभ प्रदान किया जाएगा |

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना का लाभ कैसे उठाएं?

  • इस योजना के तहत, कर्मचारियों और संगठन दोनों को लाभ प्रदान किया जाएगा।
  • यदि पंजीकृत निकाय EPFO के तहत रोजगार के नए अवसर प्रदान करता है, तो उन संस्थानों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
  • योजना का लाभ संस्थान और कर्मचारियों दोनों को प्रदान किया जाएगा, यदि ऐसी संस्थाओं में कर्मचारी की संख्या 50 से कम है और वह दो या दो से अधिक कर्मचारियों को नियुक्त करता है और भविष्य निधि के तहत उन कर्मचारियों को पंजीकृत करता है।
  • इसी प्रकार, ऐसे संगठन जिनके कर्मचारी की संख्या 50 से अधिक है, उन्हें न्यूनतम 5 नए कर्मचारियों को रोजगार देकर ईपीएफओ के तहत पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
  • जो भी संस्था आत्मनिर्भर भारत योजना का लाभ लेना चाहती है, उसके पास ईपीएफओ के तहत स्वयं का पंजीकृत / पंजीकृत होना चाहिए ताकि नए कर्मचारियों और संगठन दोनों को लाभ मिल सके।

 आत्मनिर्भर रोजगार योजना लाभ

इस योजना के अंतर्गत निम्न लाभ प्रदान किये जायेंगे-

  • केंद्र सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत आगामी 2 वर्ष तक योजना के लाभ प्रदान करेगी |
  • उन संस्थानों में जिनकी कर्मचारी क्षमता 1000 से कम है, अपने हिस्से का 12% कर्मचारी के वेतन के अनुसार और 12% काम करने वाले संगठन का हिस्सा जो 24% है, भविष्य निधि ईपीएफओ के तहत केंद्र सरकार द्वारा जमा किया जाएगा।
  • इसी तरह, यदि संस्थानों की क्षमता 1000 से अधिक है, तो इन संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन के अनुसार, कर्मचारी का केवल 12% हिस्सा भविष्य निधि में केंद्र सरकार द्वारा दिया जाएगा।

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के पात्रता मानदंड व् महत्वपूर्ण दस्तावेज

इस योजना का लाभ उठाने के लिए, आपको नीचे दी गई पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा |

  • आधार कार्ड
  • ईपीएफओ में शामिल होने वाले किसी भी नए कर्मचारी को 15,000 रुपये से कम मासिक वेतन पर एक पंजीकृत प्रतिष्ठान दिया जाएगा।
  • यह ईपीएफ सदस्य 15,000 रुपये से कम का मासिक वेतन निकालता है, जो 01/03/2020 से 30/09/2020 तक COVID महामारी के दौरान रोजगार से बाहर हो गया है और 01/10/2020 को या उसके बाद कार्यरत है।

नरेगा जॉब कार्ड लिस्ट 

आत्मनिर्भर रोजगार योजना ऑनलाइन आवेदन

इस योजना के तहत लाभ लेने के इच्छुक कर्मचारी, संस्थान और लाभार्थियों को भविष्य निधि ईपीएफओ के तहत खुद को पंजीकृत करना होगा। पंजीकरण की प्रक्रिया इस प्रकार है।

एंप्लॉयर्स के लिए

  • सबसे पहले आपको ईपीएफओ की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना है।
  • अब आपके सामने वेबसाइट का होम पेज खुलेगा |
  • इसके बाद होम पेज पर आपको मेनू बार से सर्विसेस पर क्लिक करना होगा।
  • अब आपको एंपलॉयर्स के टैब पर क्लिक करना होगा।
  • आपको ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर एस्टेब्लिशमेंट के लिंक पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद आपके सामने नया पेज खुलेगा |
  • यदि आप श्रम सुविधा पोर्टल पर पहले से पंजीकृत है तो आपको अपना यूजर आईडी, पासवर्ड तथा कैप्चा कोड दर्ज करके लॉगिन करना होगा।
  • यदि आप पंजीकृत नहीं है तो आपको साइन अप के लिंक पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद आपके सामने पंजीकरण फॉर्म खुलेगा जिसमें आपको अपना नाम, ईमेल, मोबाइल नंबर बताने के बाद वेरीफिकेशन कोड दर्ज करना होगा।
  • उपरोक्त सभी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आपको साइनअप के विकल्प पर क्लिक करना होगा।

कर्मचारी के लिए

  • सबसे पहले आपको ईपीएफओ की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना है।
  • अब आपके सामने वेबसाइट का होम पेज खुलेगा |
  • इसके बाद होम पेज पर आपको मेनू बार से सर्विसेस पर क्लिक करना होगा।
  • अब आपको Employees  के टैब पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद आपको रजिस्टर हियर के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • अब आपके सामने रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुलकर आएगा।
  • आपको रजिस्ट्रेशन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी जैसे कि नाम, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर आदि दर्ज करना होगा।
  • उपरोक्त सभी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आपको सबमिट के विकल्प पर क्लिक करना होगा।

 

निष्कर्ष

इस योजना के माध्यम से देश के सभी बेरोजगारों को रोजगार के नए अवसर प्रदान किए जाएंगे। इन अवसरों से ही देश की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा, जिससे सभी नागरिकों को आर्थिक लाभ मिलेगा। आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और यह योजना 30 जून 2021 तक चालू रहेगी।

आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी कैसी लगी, हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं। किसी भी अन्य योजना के अधिक विवरण के लिए YojanaSarkari पर हमारे साथ जुड़े रहें, धन्यवाद।

 

 

 

 

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