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अटल भूजल योजना/Atal Bhujal Yojana

प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी जी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के 95वीं जयंती के मौके पर एक महत्वपूर्ण योजना “अटल भूजल योजना” की शुरुआत करने जा रहे है। इस योजना को मंगलवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में मंजूरी दी गयी।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर के मुताबिक पानी की समस्या से निपटने के लिए अटल भूजल योजनाशुर की गयी है। इस योजन के जरिए भूजल का प्रबंधन किया जाएगा और हर घर तक पीने के स्वच्छ पानी को पहुँचाया जाएगा।

इस योजना पर केंद्र सरकार ने 6000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। जिसमें से 3000 करोड़ रुपये वर्ल्ड बैंक और 3000 करोड़ रुपये सरकार देगी। 5 साल में 6000 करोड़ रुपये का खर्च होगा।
यह योजना कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के 8,350 गांवों को 5 वर्षों की अवधि में कवर करेगी।

अटल भूजल योजना का उद्देश्य –

  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य भूजल की मात्रा को फिर से बढ़ाना और किसानों को खेती के लिए पर्याप्त मात्रा में जल भंडारन करवाना है।
  • केंद्रीय जलसंसाधन मंत्रालय ने इस योजना को लागू किया है।
  • जिन राज्यों में भूजल संकट ज्यादा है, इस योजना के जरिए उन राज्यों पर ध्यान केंद्रिय किया जाएगा।
  • यह सतह के जल निकायों के पुनरुद्धार पर भी ध्यान केंद्रित करता है ताकि भूजल स्तर को बढ़ाया जा सके, खासकर ग्रामीण इलाकों में।
  • यह भूजल स्रोतों को रिचार्ज करने पर जोर देगा और स्थानीय स्तर पर लोगों को शामिल करके पानी का कुशल उपयोग सुनिश्चित करेगा।
  • सरकार का दावा है कि इस योजना से किसानों की आय दोगुनी करने में मदद मिलेगी।
  • इस स्कीम में आम लोगों को भी शामिल किया जाएगा।
  • वाटर यूजर असोसिएशन, मॉनिटरिंग और भूजल की निकासी के डेटा संकलन की मदद से इस स्कीम को आगे बढ़ाया जाएगा।

योजना में शामिल नोडल एजेंसी:

जल संसाधन विभाग, नदी विकास और गंगा कायाकल्प, जल शक्ति मंत्रालय इस योजना में सहयोग करेंगे।

अटल भूजल योजना के दो प्रमुख घटक:

(1) राज्यों में स्थायी भूजल प्रबंधन के लिए संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संस्थागत सुदृढ़ीकरण और क्षमता निर्माण घटक– इसमें विभिन्न गतिविधियों में समुदायों की सक्रिय भागीदारी की परिकल्पना की गई है जैसे कि-

  • जल बजट- जल प्रबंधन उपकरण जो जल संसाधनों के उचित प्रबंधन के लिए समुदायों की सहायता करता है, पानी की मात्रा का आकलन करके एक परिदृश्य की आवश्यकता होगी।
  • भूजल आंकड़ों की निगरानी और प्रसार
  • जल उपयोगकर्ता संघों का गठन
  • ग्राम पंचायतवार जल सुरक्षा योजनाओं की तैयारी / कार्यान्वयन
  • स्थायी भूजल प्रबंधन से संबंधित सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) गतिविधियाँ।

(2) राज्यों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोत्साहन घटक– बेहतर भूजल प्रबंधन प्रथाओं में उपलब्धियों के लिए जैसे कि चल रही योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से प्रबंधन हस्तक्षेपों को लागू करना, दूसरों के बीच मांग पक्ष प्रथाओं को अपनाना।

योजना का महत्व

  • यह योजना उन लोगों की मदद करेगी, जिन्हें लगातार भूजल आपूर्ति की जरूरत है, खासकर ऐसे किसान जो कई वर्षों से भूजल की तीव्र कमी से प्रभावित हैं।
  • इसका ध्यान मुख्य रूप से समुदायों की भागीदारी और विभिन्न जल योजनाओं के साथ अभिसरण पर है।

इसका प्रमुख घटक समाज को जिम्मेदार बना रहा है और भूजल संसाधन के प्रबंधन के लिए व्यवहार में बदलाव ला रहा है। यह जल संसाधन के प्रति समग्र दृष्टिकोण को बेहतर बनाने में मदद करेगा।

अटल भूजल योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

  • अटल भूजल योजना की शुरुआत 5 जून 2018 को केंद्र सरकार द्वारा भूजल का संरक्षण और इसका स्तर बढ़ाने के लिए की गई।
  • इसकी शुरुआत जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी ने की।
  • योजना में केंद्र सरकार और विश्व बैंक की 50:50 प्रतिशत की हिस्सेदारी है।
  • हरियाणा, कर्नाटक, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में जल की कमी वाले क्षेत्रों में लागू किया गया है।
  • इस योजना में इन राज्यों के 78 जिलों, 193 ब्लॉकों और 8350 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है।

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Priya